अरेंज मैरिज में "पारिवारिक विवरण" उतने ही ध्यान से पढ़ा जाता है जितना लड़के या लड़की का अपना विवरण। सामने वाला परिवार जानना चाहता है कि घर में कौन-कौन है, सब क्या करते हैं, साथ रहते हैं या अलग, और परिवार मूल रूप से कहाँ का है।
किस क्रम में लिखें
- पिता का नाम और व्यवसाय
- माता का नाम और व्यवसाय
- भाई-बहन (बड़े/छोटे, विवाहित/अविवाहित, क्या करते हैं)
- मामा (अगर आपके समाज में लिखा जाता है)
- परिवार का प्रकार — संयुक्त या एकल
- पारिवारिक मूल्य — पारंपरिक, मध्यम या आधुनिक
- मूल निवास
- मकान — अपना, किराये का या पैतृक (चाहें तो)
माता-पिता
नाम के साथ "श्री/श्रीमती" और व्यवसाय साफ़ लिखें।
| ऐसे नहीं | ऐसे लिखें |
|---|---|
| पिता: सर्विस | पिता: श्री रमेश शर्मा — अनुभाग अधिकारी, भारतीय रेल (सेवानिवृत्त) |
| माता: हाउसवाइफ़ | माता: श्रीमती सुनीता शर्मा — गृहिणी |
| पिता: बिज़नेस | पिता: श्री महेश पटेल — मालिक, पटेल टेक्सटाइल्स, सूरत |
माता या पिता का देहांत हो गया हो तो सम्मान से लिखें: स्व. श्री रमेश शर्मा।
भाई-बहन
हर एक की एक लाइन — रिश्ता, बड़ा या छोटा, विवाहित या अविवाहित, और क्या करते हैं।
- बड़े भाई — विवाहित, सॉफ़्टवेयर इंजीनियर, बेंगलुरु
- छोटी बहन — अविवाहित, B.Sc. की पढ़ाई, जयपुर
अकेली संतान हों तो लिखें: "इकलौती संतान"। बायोडाटा मेकर में भाई-बहन एक-एक करके जोड़ते हैं, बाकी काम डिज़ाइन ख़ुद कर देता है।
मामा और रिश्तेदार
उत्तर और मध्य भारत के कई परिवारों में मामा का नाम और शहर लिखा जाता है। एक-दो लाइन काफ़ी हैं। रिश्तेदारों के पदों की लंबी सूची दिखावे जैसी लगती है।
परिवार का प्रकार और मूल्य
- संयुक्त परिवार: लिखें कौन साथ रहता है — "दादा-दादी, माता-पिता, चाचा का परिवार"।
- एकल परिवार: "एकल परिवार; दादा-दादी गाँव में रहते हैं।"
- मूल्य: पारंपरिक, मध्यम या आधुनिक — एक शब्द से मिलते-जुलते रहन-सहन वाले परिवार एक-दूसरे को पहचान लेते हैं।
मूल निवास और मकान
मूल निवास से भाषा, रीति-रिवाज और खान-पान का अंदाज़ा होता है। परिवार कहीं और बस गया हो तो दोनों लिखें: "मूल निवास: बलिया (उ.प्र.); 1998 से पुणे में।"
मकान की जानकारी ज़रूरी नहीं है। बायोडाटा मेकर में यह फ़ील्ड पहले से छिपा रहता है; चाहें तो दिखाएँ।
ख़ास स्थितियाँ
- माता-पिता अलग रहते हों: जो सच है, सादगी से लिखें। विस्तार से बात मिलने पर।
- सौतेले माता-पिता या अभिभावक: जिनके साथ रहते हैं, उन्हें परिवार की तरह लिखें, रिश्ता कोष्ठक में।
- दूसरी शादी: बच्चे हों तो परिवार वाले हिस्से में लिखें — दूसरी शादी का बायोडाटा।
पूरा उदाहरण
पिता: श्री रमेश शर्मा — अनुभाग अधिकारी, भारतीय रेल (सेवानिवृत्त)
माता: श्रीमती सुनीता शर्मा — गृहिणी
भाई-बहन: बड़े भाई — विवाहित, सॉफ़्टवेयर इंजीनियर, बेंगलुरु
मामा: श्री अनिल जोशी, इंदौर
परिवार: एकल परिवार, मध्यम मूल्य
मूल निवास: बलिया (उ.प्र.); पुणे में बसे हैं