धर्म, जाति, उपजाति और गोत्र — ये चारों अलग-अलग बातें हैं, पर बायोडाटा में अक्सर गड़बड़ा जाती हैं। कोई जाति की जगह गोत्र लिख देता है, कोई उपजाति छोड़ देता है। सही तरीका यहाँ है।
चारों का फ़र्क
| शब्द | क्या है | उदाहरण |
|---|---|---|
| धर्म | आस्था | हिन्दू, मुस्लिम, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध |
| जाति | समाज | ब्राह्मण, अग्रवाल, राजपूत, जाट, कायस्थ |
| उपजाति | समाज का उप-समूह | गौड़, सनाढ्य, सरयूपारीण; माहेश्वरी में खाँप |
| गोत्र | पिता की ओर की वंश-परंपरा | कश्यप, भारद्वाज, वशिष्ठ, बंसल |
धर्म
बायोडाटा मेकर में ड्रॉपडाउन से चुनें। अलग शब्द चाहिए (जैसे "सनातन धर्म" या कोई पंथ) तो "✎ खुद लिखें"।
जाति और उपजाति
वही लिखें जो आपका परिवार आमतौर पर लिखता है। उपजाति उन समाजों में ज़रूरी है जहाँ रिश्ते उसी हिसाब से देखे जाते हैं — जैसे "ब्राह्मण — गौड़" या "वैश्य — अग्रवाल"।
जाति नहीं लिखना चाहते? बायोडाटा मेकर में आँख वाला बटन दबाकर फ़ील्ड छिपा दें। जिन परिवारों के लिए जाति मायने नहीं रखती, उनके लिए यह अच्छा संकेत है।
गोत्र
- गोत्र "कुंडली विवरण" में लिखा जाता है, राशि और नक्षत्र के साथ।
- सही वर्तनी के लिए गोत्र लिस्ट देखें — 40 से ज़्यादा ऋषि-गोत्र और अग्रवाल समाज के 18 गोत्र हिन्दी और English में।
- अग्रवाल, माहेश्वरी जैसे समाजों में गोत्र अक्सर सरनेम जैसा होता है (बंसल, गोयल, मित्तल)।
माँ का गोत्र (ननिहाल)
कई परिवार मिलान में माँ का गोत्र भी देखते हैं। इसे "अपना फ़ील्ड जोड़ें" से कुंडली विवरण में जोड़ सकते हैं:
गोत्र: भारद्वाज · ननिहाल का गोत्र: कश्यप
कुछ समाजों में दादी और नानी के गोत्र भी देखे जाते हैं — "4 गोत्र" वाली परंपरा (जैसे जाट समाज)। वहाँ चारों लिखना समय बचाता है।
दूसरे धर्मों में
- सिख: धर्म "सिख", जाति/गोत्र परिवार की परंपरा अनुसार (जैसे जट्ट — संधू)।
- जैन: "जैन — दिगंबर/श्वेतांबर" और समाज (जैसे ओसवाल, अग्रवाल)।
- मुस्लिम: धर्म के साथ फ़िरक़ा/मसलक (जैसे सुन्नी, शिया) और बिरादरी — निकाह बायोडाटा गाइड।
- ईसाई: संप्रदाय (कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट) और चर्च — क्रिश्चियन बायोडाटा गाइड।