शादी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी अक्सर एक ही तरीके से होती है: आकर्षक प्रोफ़ाइल, जल्दी से भावनात्मक नज़दीकी, ऐसी कहानी जिसकी जाँच न हो सके — और फिर पैसे या काग़ज़ों की माँग। कुछ शांत जाँचों से ज़्यादातर धोखे से बचा जा सकता है।
पहचान
- जल्दी वीडियो कॉल करें — तीसरी बातचीत से पहले। जो बार-बार वीडियो से बचे, वह ख़तरे का संकेत है।
- फ़ोटो की जाँच करें — Google Lens जैसे टूल से फ़ोटो खोजें; चोरी की फ़ोटो अक्सर दूसरे नामों से मिल जाती है।
- नाम, उम्र, शहर मिलाएँ — बायोडाटा, WhatsApp और सोशल प्रोफ़ाइल में एक जैसे हों।
नौकरी और पढ़ाई
- कंपनी की जाँच — कंपनी है भी? पद उम्र और पढ़ाई के हिसाब से ठीक लगता है?
- ऑनलाइन प्रोफ़ाइल — नौकरीपेशा लोगों की LinkedIn जैसी प्रोफ़ाइल अक्सर होती है।
- सहज सवाल — जो सच में कहीं काम करता है, वह टीम, ऑफ़िस, आने-जाने के बारे में आराम से बताता है।
- विदेश वाले रिश्ते — वीज़ा और शहर के बारे में सीधे पूछें, वीडियो पर पुष्टि करें।
परिवार
- माता-पिता से बात करें — सिर्फ़ लड़के/लड़की से नहीं। परिवार हमेशा "व्यस्त" या "बाहर" हो, तो सावधान।
- घर जाकर मिलें — किसी भी वादे से पहले।
- किसी साझा परिचित से पूछें — उसी शहर, समाज या दफ़्तर का कोई व्यक्ति।
पैसा और काग़ज़
- कभी पैसे न भेजें — "कस्टम", "इलाज", "वीज़ा फ़ीस", "एयरपोर्ट पर अटका तोहफ़ा" — यह सबसे आम धोखा है।
- OTP, बैंक जानकारी, आधार-पैन की कॉपी न दें — बायोडाटा में इनकी ज़रूरत नहीं।
- निजी फ़ोटो या वीडियो कॉल में सावधानी — ऐसा कुछ साझा न करें जो सार्वजनिक होने पर नुकसान करे।
व्यवहार
- जल्दबाज़ी पर ध्यान दें — जल्दी वादा, परिवार से छिपाने की बात, तुरंत किसी और ऐप पर चलने का दबाव।
- परिवार की भावना पर भरोसा — कई लोगों को कुछ ग़लत लगे, तो रुकें और और जाँचें।
जाँच की तालिका
| दावा | कैसे जाँचें |
|---|---|
| पहचान | वीडियो कॉल, फ़ोटो की ऑनलाइन खोज |
| नौकरी | कंपनी की वेबसाइट, ऑनलाइन प्रोफ़ाइल, बातचीत |
| पढ़ाई | कॉलेज और साल; ज़रूरत हो तो बाद में डिग्री |
| परिवार | माता-पिता से बात, घर जाकर मिलना |
| पिछली शादी | सीधे पूछें, साझा परिचित से पुष्टि |
धोखा हो जाए तो
- तुरंत पैसे भेजना और बातचीत बंद करें।
- चैट, नंबर और लेन-देन के सबूत सँभालकर रखें।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या हेल्पलाइन 1930 पर फ़ोन करें।
- मैट्रिमोनियल साइट और WhatsApp ग्रुप के एडमिन को प्रोफ़ाइल की शिकायत करें।
- परिवार को ज़रूर बताएँ — धोखेबाज़ चुप्पी के भरोसे ही चलते हैं।