हर रिश्ते की तलाश में "ना" कहना भी पड़ता है। समय पर और विनम्रता से कही गई ना दोनों परिवारों का सम्मान बचाती है। चुप्पी, बहाने या दोष देने से जो चोट लगती है, वह समाज में बरसों याद रहती है।
तीन बातें याद रखें
- जवाब दें, चुप न रहें। एक हफ़्ते में साफ़ ना, लंबी चुप्पी से बेहतर है।
- ऐसी वजह न बताएँ जो इंसान को छोटा करे — कद, रंग, कमाई, कभी नहीं।
- शुभकामना ज़रूर दें — दिल से।
बायोडाटा देखने के बाद
1.
नमस्ते जी। रोहन का बायोडाटा भेजने के लिए धन्यवाद। घर में बात करने के बाद हमें लगा कि प्रिया के लिए यह रिश्ता शायद ठीक न रहे। रोहन को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।
2.
हमारे बारे में सोचने के लिए धन्यवाद जी। हम पुणे में ही रिश्ता देख रहे हैं, इसलिए बात आगे नहीं बढ़ा पाएँगे। आपके परिवार को शुभकामनाएँ।
3.
नमस्ते जी। रिश्ते के लिए आभार। प्रिया की पसंद अभी थोड़ी अलग है, इसलिए हम सम्मान के साथ मना कर रहे हैं।
फ़ोन पर बात के बाद
4.
कल की बातचीत के लिए धन्यवाद जी। घर में सोचने के बाद लगा कि दोनों परिवारों की अपेक्षाएँ शायद अलग हैं। रोहन को ढेरों ख़ुशियाँ मिलें।
5.
आपसे बात करके अच्छा लगा। सोच-विचार के बाद हमें लगा कि मेल ठीक नहीं बैठेगा। आपके समय के लिए आभार।
मुलाक़ात के बाद
6. माता-पिता की ओर से
नमस्ते जी। आपकी मेहमाननवाज़ी के लिए धन्यवाद। प्रिया और रोहन की बात हुई, और प्रिया को लगता है कि दोनों का स्वभाव शायद मेल न खाए। आशा है आप समझेंगे। रोहन को शुभकामनाएँ।
7. लड़के या लड़की की ओर से (अगर सीधे बात होती रही हो)
नमस्ते रोहन, समय देने और खुलकर बात करने के लिए धन्यवाद। मुझे नहीं लगता कि हम एक-दूसरे के लिए सही हैं, और मैं यह आपको सीधे बताना चाहती थी। आपको बहुत शुभकामनाएँ।
8. नरमी से, पर साफ़
मिलने के लिए धन्यवाद। काफ़ी सोचने के बाद हमने आगे न बढ़ने का फ़ैसला किया है। आपके परिवार का पूरा सम्मान है; जल्द ही अच्छा रिश्ता मिले।
जब सच में कुंडली की वजह हो
9.
नमस्ते जी। हमने कुंडली मिलवाई और पंडित जी ने मना किया है। हमें आपका परिवार बहुत अच्छा लगा था, इसलिए अफ़सोस है।
यह तभी कहें जब सच हो — परिवार अक्सर समझ जाते हैं कि यह बहाना है।
मध्यस्थ के ज़रिए
10.
गुप्ता जी, रिश्ता बताने के लिए बहुत धन्यवाद। हमने आगे न बढ़ने का फ़ैसला किया है। कृपया उन्हें हमारी ओर से धन्यवाद और शुभकामनाएँ कह दीजिए।
जब पहले हाँ कह चुके हों
11.
नमस्ते जी। यह लिखना मुश्किल है। आगे की बातचीत के बाद हमें लगता है कि यह रिश्ता सही नहीं रहेगा, और अभी बता देना बेहतर है। किसी भी तकलीफ़ के लिए हम सच में क्षमा चाहते हैं। आपके परिवार का पूरा सम्मान है।
जब सामने वाले बार-बार पूछें
12.
नमस्ते जी, फिर से धन्यवाद। हमने अच्छी तरह सोचकर फ़ैसला किया है और वह पक्का है। आपकी तलाश जल्द पूरी हो।
ये बातें कभी न कहें
- रूप, कद, रंग या वज़न पर टिप्पणी
- दूसरे रिश्तों से तुलना
- पैसे या "क्या देंगे" की बात
- झूठी वजह, जो उनके अगले रिश्ते को नुकसान पहुँचाए (जैसे बनावटी दोष)