बहुत-से लोगों को अपने जन्म का सही समय नहीं पता होता — ख़ासकर अगर जन्म घर पर हुआ हो या पुराने काग़ज़ खो गए हों। पर रिश्ते की बात आते ही परिवार कुंडली माँगता है। ऐसे में क्या करें?
पहले: जन्म समय ढूँढने की कोशिश करें
- अस्पताल का रिकॉर्ड या जन्म प्रमाण-पत्र — कई में समय लिखा होता है।
- माता-पिता, दादी-नानी की याद — "सुबह पूजा के समय", "दोपहर का खाना हो चुका था" जैसी बातें भी मदद करती हैं।
- पुरानी जन्मपत्री — कई परिवारों में जन्म के समय पंडित जी से पत्री बनवाई गई होती है।
- स्कूल के पुराने रिकॉर्ड — कभी-कभी उपयोगी।
समय न मिले तो — तीन विकल्प
1. नाम राशि से मिलान
नाम के पहले अक्षर से राशि और नक्षत्र निकालकर गुण मिलाए जाते हैं। यह अंदाज़ा है, पर कई परिवार इससे काम चलाते हैं। नाम से गुण मिलान में दोनों के नाम डालें — आठों कूट तुरंत।
2. जानकार ज्योतिषी से सलाह
कुछ ज्योतिषी परंपरागत तरीकों (जैसे प्रश्न कुंडली या जीवन की घटनाओं से समय का अनुमान) से राय देते हैं। यह हर परंपरा में मान्य नहीं है, इसलिए अपने परिवार के पंडित जी से पूछें।
3. कुंडली के बिना फ़ैसला
बहुत-से परिवार अब स्वभाव, परिवार और मूल्यों के आधार पर ही फ़ैसला करते हैं। अगर दोनों परिवार सहमत हैं, तो यह भी पूरी तरह ठीक है।
बायोडाटा में क्या लिखें
| स्थिति | क्या लिखें |
|---|---|
| समय पक्का नहीं, अंदाज़ा है | "लगभग सुबह 10 बजे" — अंदाज़ा साफ़ बताएँ |
| समय बिलकुल नहीं पता | जन्म समय ख़ाली छोड़ दें या फ़ील्ड छिपा दें |
| राशि कुंडली से पता है | वही राशि लिखें |
| सिर्फ़ नाम राशि पता है | राशि के आगे "(नाम राशि)" लिखें |
बायोडाटा मेकर में किसी भी फ़ील्ड को आँख वाले बटन से छिपा सकते हैं।
दूसरे परिवार से कैसे बात करें
सीधे और ईमानदारी से: "बेटी का जन्म समय पक्का नहीं पता, नाम राशि से मिलान करवाया है। आप चाहें तो अपने पंडित जी से भी दिखा लें।" ज़्यादातर परिवार इसे समझते हैं — छिपाने से बात बिगड़ती है।